
फरीदपुर नगर में नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर क्षेत्र में धार्मिक आस्था और परंपराओं के सम्मान की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने नवरात्रि के दौरान मांसाहारी सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर फरीदपुर थाने में ज्ञापन सौंपा और प्रशासन से उचित कार्रवाई की अपील की।
नवरात्रि का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह नौ दिनों तक चलने वाला पावन पर्व मां दुर्गा की आराधना, उपवास और भक्ति का समय होता है। इस दौरान श्रद्धालु सात्विक जीवनशैली अपनाते हैं और मांसाहार से परहेज करते हैं। ऐसे में क्षेत्र में मांस-मछली एवं अंडा आदि की बिक्री को कई लोग धार्मिक भावनाओं के विपरीत मानते हैं।
आस्था के सम्मान की उठी मांग
ज्ञापन में बताया गया कि 19 मार्च से 27 मार्च तक नवरात्रि का पावन समय है। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों में मीट-मछली की दुकानों का खुले या बंद स्थानों पर संचालन धार्मिक आस्था के अनुरूप नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे जनमानस की भावनाएं आहत हो सकती हैं और माहौल प्रभावित हो सकता है।प्रशासन से कार्रवाई की अपीलज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि नवरात्रि के समयांतराल में मांसाहारी सामग्री की बिक्री पर रोक सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण में सम्पन्न हो सके।इस दौरान शिवसेना तहसील प्रमुख विकास ठाकुर, शिव देव सिंह, गौरव, करण, आकाश, अजय, प्रवेश यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



