
द्वारिकेश चीनी मिल ने पेराई सत्र 2025-26 के तहत एक बार फिर समय पर भुगतान कर गन्ना किसानों का भरोसा मजबूत किया है। मिल प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 13 जनवरी 2026 से 19 जनवरी 2026 तक आपूर्ति किए गए गन्ने का मूल्य 2006.40 लाख रुपये किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है। यह भुगतान संबंधित समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराए गए खातों में सीधे ट्रांसफर किया गया।

अब तक द्वारिकेश चीनी मिल कुल 20217.38 लाख रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान कर चुकी है। समय पर पैसा मिलने से किसानों को न सिर्फ आर्थिक राहत मिली है, बल्कि आने वाली फसल की तैयारी को लेकर उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।गणतंत्र दिवस के अवसर पर चीनी मिल परिसर में अलग ही उत्साह का माहौल रहा। इस मौके पर द्वारिकेश समूह के वरिष्ठ अधिशासी उपाध्यक्ष श्री अनिल त्यागी ने चीनी मिल के अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों और क्षेत्रवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने अपने संबोधन में देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र की एकता व अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही सभी से ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।केन यार्ड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य महाप्रबंधक गन्ना श्री पवन कुमार चतुर्वेदी ने उपस्थित किसान भाइयों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक उन्नति में गन्ने की खेती की अहम भूमिका है। इसी क्रम में उन्होंने किसानों से अपील की कि अधिक से अधिक क्षेत्रफल में उन्नतशील प्रजातियों की गन्ने की बुवाई तकनीकी विधि से करें, ताकि पैदावार बढ़े और लागत कम हो।उन्होंने यह भी कहा कि चीनी मिल द्वारा चलाई जा रही आकर्षक गन्ना विकास योजनाएं किसानों के हित में हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान किसानों में उत्साह और भरोसा साफ नजर आया, और गणतंत्र दिवस का यह अवसर उनके लिए दोहरी खुशी लेकर आया।







