
द्वारिकेश चीनी मिल ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना किसानों को समय पर भुगतान कर एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि किसान हित उसके लिए केवल शब्द नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। मिल प्रबंधन की ओर से 9 फरवरी 2026 को जानकारी दी गई कि 28 जनवरी 2026 से 2 फरवरी 2026 तक मिल को आपूर्ति किए गए गन्ने का भुगतान किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।इस अवधि का कुल गन्ना मूल्य भुगतान 1742.66 लाख रुपये रहा, जो संबंधित समितियों के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर किया गया। इसके साथ ही चालू पेराई सत्र में अब तक द्वारिकेश चीनी मिल द्वारा कुल 23827.49 लाख रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा अपने आप में किसानों के प्रति मिल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।गन्ना किसानों के बीच यह भुगतान राहत और भरोसे दोनों का कारण बना है। समय पर भुगतान होने से किसानों को न सिर्फ अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है, बल्कि अगली फसल की तैयारी भी बिना दबाव के हो पाती है। मिल प्रबंधन का कहना है कि किसानों का हित सर्वोपरि है और भविष्य में भी गन्ना मूल्य का भुगतान तय समय सीमा के भीतर करने का प्रयास जारी रहेगा।मौजूदा मौसम को लेकर भी किसानों के लिए अच्छी खबर है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय गन्ना बुवाई के लिए तापमान अनुकूल है, जिससे गन्ने का जमाव बेहतर होगा।

चूंकि गन्ना लंबी अवधि की फसल है, ऐसे में सही समय पर बुवाई और उचित देखभाल से पैदावार भी बेहतर मिलने की उम्मीद है।इसी को ध्यान में रखते हुए द्वारिकेश चीनी मिल प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक क्षेत्रफल में उन्नतशील और स्वीकृत प्रजातियों की गन्ना बुवाई करें। साथ ही किसानों को अपना स्वयं का बीज सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर अन्य किसान भाइयों के खेतों में बीज सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड लंबे समय से अपने क्षेत्र में विकास कार्यों और किसान भाइयों की सामाजिक व आर्थिक उन्नति के लिए काम करती आ रही है। समय पर भुगतान, तकनीकी सलाह और किसानों के साथ सतत संवाद, मिल और किसानों के रिश्ते को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।



